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Anirudh Acharya

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हमारा अन्नक्षेत्र हजारों भूखे पेटों का सहारा है। आपके दान से हम जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचा सकते हैं। "अन्न दानं समं दानम् न भूतो न भविष्यति। देवर्षि-पितृ-भूतानां तृप्तिरन्नेन जायते॥" अर्थात अन्नक्षेत्र के समान दान न पूर्व में हुआ है, ना अब है, ना आगे होगा। क्योंकि देवताओं की, देवियों की, पितरों की इत्यादि सर्व की तृप्ति अन्न से ही होती है। पूज्य महाराज जी ने श्रीधाम वृंदावन ... https://aniruddhacharya.com/donation-for-annakshetra-langar-seva.html

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